रणथंभौर में हुए दो दर्दनाक हादसों के बाद भी नहीं चेता वन विभाग, बाघों के नजदीक पहुंचकर युवक ने बनाए वीडियो

सवाई माधोपुर

रणथंभौर टाइगर रिजर्व से दो चौंकाने वाले वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन वीडियो में एक व्यक्ति बाघों के अत्यंत निकट नजर आ रहा है, कभी नवजात शावकों को सहलाते हुए तो कभी बाघ के पास रील बनाने की कोशिश करते हुए।

पहला वीडियो रणथंभौर की फलौदी रेंज के देवपुरा वन क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां बाघिन RBT-2302 ने हाल ही में तीन शावकों को जन्म दिया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि तीनों शावक एक पाइप में बैठे हैं और एक व्यक्ति उनके पास जाकर उन्हें हाथ लगा रहा है, उन्हें सहला रहा है और वीडियो बना रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो यदि इस दौरान बाघिन वहां पहुंच जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।

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दूसरा वीडियो फलौदी रेंज के जोन नंबर 10 (झोझेश्वर व कैलाशपुरी के बीच) का है। इसमें एक पर्यटक वाहन से उतरा युवक बाघ के बेहद नजदीक पैदल जा रहा है, जो तालाब में पानी पी रहा है। वीडियो में युवक रील बनाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालता नजर आ रहा है। सौभाग्यवश बाघ ने हमला नहीं किया, वरना एक और अनहोनी हो सकती थी।

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इन दोनों घटनाओं ने साफ कर दिया है कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। वन विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन वायरल वीडियो ने विभाग की तैयारियों और सतर्कता की पोल खोलकर रख दी है।

गौरतलब है कि हाल ही में रणथंभौर में दो बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें 16 अप्रैल को टाइगर के हमले में एक सात वर्षीय बालक की मौत हो गई थी और 11 मई को बाघिन कनकटी ने रेंजर देवेंद्र चौधरी को मार डाला था। इन घटनाओं के बाद भी सुरक्षा में इस प्रकार की चूक वन विभाग की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है।

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विशेषज्ञ मानते हैं कि इंसानों का इस तरह बाघों के करीब जाना न केवल उनकी खुद की जान के लिए खतरा है, बल्कि इससे बाघों का प्राकृतिक व्यवहार भी प्रभावित होता है। शावकों के साथ इस तरह की छेड़छाड़ बाघों के आक्रामक व्यवहार का कारण बन सकती है।

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